migraine in hindi: माइग्रेन को ठीक करें इसका इलाज हिंदी में

 migraine in hindi: माइग्रेन को ठीक करें इसका इलाज हिंदी में

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आज के इस आर्टिकल में हम बात करेंगे माइग्रेन के बारे में कि क्या है माइग्रेन? (migraine) माइग्रेन के कारण क्या हैं? और (migraine) माइग्रेन के लक्षण क्या हैं? माइग्रेन में किन चीजों का सेवन नहीं करना चाहिए। माइग्रेन कैसे ठीक होता है और हमें माइग्रेन हो जाए तो हमें क्या नहीं खाना चाहिए। इसके साथ साथ हम जानेंगे कि (migraine) माइग्रेन बीमारी को दूर करने के लिए क्या-क्या घरेलू उपाय किए जा सकते हैं। किन किन चीजों का सेवन करने से हम माइग्रेन से छुटकारा पा सकते हैं। 



क्या है माइग्रेन? (migraine in hindi)


सबसे पहले हम जानेंगे आखिर माइग्रेन (migraine) की बीमारी क्या होती है। माइग्रेन एक प्रकार का न्यूरोलॉजिकल डिसऑर्डर है जिसमें सिर के आधे हिस्से में यानी कभी लेफ्ट साइड में या फिर कभी राइट साइड में रुक रुककर तेज दर्द होता है। फ्रेंड्स असल में हमारे दिमाग के अंदर सेरोटोनिन (serotonin) नामक केमिकल पाया जाता है जो कि हमारे मूड इमोशंस और भावनाओं की वजह से प्रभावित होता है। जब सेरोटोनिन (serotonin) की मात्रा बढ़ जाती है तब हमें खुशी महसूस होती है और अगर इसकी मात्रा कम हो जाए तो इसकी वजह से टेंशन, स्ट्रेस, सिरदर्द जैसी समस्याएं हो जाती हैं और धीरे-धीरे इससे माइग्रेन (migraine) की समस्या हो जाती है। शॉर्ट में कहें तो सेरोटोनिन में असंतुलन की वजह से माइग्रेन हो जाता है। 



माइग्रेन के नुकसान


माइग्रेन (migraine) का दर्द दो घंटों से तीन दिन तक रह सकता है। कई बार यह दर्द इतना बढ़ जाता है कि इसके कारण कोई भी काम करना असंभव हो जाता है इसलिए इसे बिल्कुल भी नजरअंदाज न करें और देखा गया है कि माइग्रेन की समस्या पुरषों के मुकाबले माहिलाओं में ज्यादा नजर आती है। 



माइग्रेन के कारण क्या हैं? (Migraine Causes in Hindi)


माइग्रेन होने के क्या-क्या मुख्य कारण हैं। आखिर क्यों होता है माइग्रेन। एक रिसर्च में पाया गया है कि जिन लोगों को बहुत ज्यादा तनाव रहता है उन्हें माइग्रेन की समस्या हो जाती है। चूंकि तनाव का हमारे मस्तिष्क पर सीधा प्रभाव पड़ता है। जी हां अत्यधिक तनाव लेना माइग्रेन का मुख्य कारण है।



एलोपैथिक दवाइयां एक कारण


एलोपैथिक की कुछ दवाइयां ऐसी होती हैं जिसकी वजह से माइग्रेन की समस्या शुरू हो सकती है जैसे कि ब्लड प्रेशर को कंट्रोल करने की दवा के कारण माइग्रेन की समस्या शुरू हो सकती है। इसके अलावा कुछ लोग स्लिपिंग पिल्स लेते हैं इस कारण से भी माइग्रेन हो सकता है। 



हार्मोन्स में बदलाव एक कारण


हार्मोन्स में बदलाव की वजह से कई महिलाओं को माइग्रेन की समस्या हो सकती है। जी हां महिलाओं में हार्मोन्स में फ्लक्चुएशन होते हैं। खासकर जब पीरियड्स शुरू होने वाले होते हैं या फिर पीरियड्स के दौरान यह समस्या हो सकती है। 



प्रेग्नेंसी एक कारण


इसके साथ साथ प्रेग्नेंसी और मेनोपॉज में महिलाओं को माइग्रेन का अटैक आ सकता है। माइग्रेन वंशानुगत कारणों से भी होता है। जी हां यदि आपके परिवार में किसी व्यक्ति को माइग्रेन की समस्या हो तो यह भी माइग्रेन का मुख्य कारण है। 



कैफीन का सेवन एक कारण


अधिक कैफीन का सेवन करने से माइग्रेन की प्रॉब्लम बढ़ सकती है। जी हां यदि आप दिनभर में चाय या कॉफी का अधिक मात्रा में सेवन करते हैं तो इस कारण से भी आपको माइग्रेन की समस्या हो सकती है। 



थकावट एक कारण


इसके अलावा कुछ लोगों को ज्यादा तेज धूप में जाने के कारण भी माइग्रेन का दर्द हो सकता है। इसका एक और मुख्य कारण है बहुत ज्यादा थकावट। जी हां कुछ लोगों को माइग्रेन की समस्या बहुत ज्यादा सफर करते हैं तो इस वजह से भी हो सकती है या बहुत ज्यादा मोशन (motion) की वजह से भी सिरदर्द की समस्या हो सकती है।



नींद पूरी न हो एक कारण


इसके अलावा यदि नींद पूरी न हो या फिर जरूरत से ज्यादा नींद के कारण भी माइग्रेन की समस्या हो सकती है। 



एसिडिटी एक कारण


कुछ लोगों को हमेशा ही पेट की समस्या होती है जैसे एसिडिटी रहना। जी हां एसिडिटी बहुत ज्यादा होने की वजह से भी माइग्रेन (migraine) की प्रॉब्लम स्टार्ट हो सकती है। 



मसालेदार भोजन एक कारण


डेली डाइट में ज्यादा मसालेदार भोजन करना ये भी माइग्रेन (migraine) का मुख्य कारण होता है। जी हां दोस्तो यदि आपका खान पान सही नहीं है आप हेल्दी फूड का सेवन नहीं करते तो इस वजह से भी आपको माइग्रेन हो सकता है। 


माइग्रेन के लक्षण in Hindi


आईये अब हम जानेंगे कि माइग्रेन (migraine) होने के क्या लक्षण हैं यानि यदि माइग्रेन हो जाए तो हमें क्या-क्या सिम्पटम्स नजर आते हैं। माइग्रेन का मुख्य लक्षण होता है सिर दर्द।



बहुत तेज सिरदर्द होना


जी हां अगर सिर के एक हिस्से में रुक रुककर बार-बार दर्द होता हो तो यह माइग्रेन का लक्षण होता है। इसमें ऐसा लगता है जैसे कोई सिर में जोर जोरदार हथौड़े मार रहा हो और माइग्रेन (migraine) की पहचान और दृष्टि संबंधी ऐसे लक्षण हैं जिसमें पेशेंट को रह रहकर आड़ी तिरछी रेखाएं रोशनी की चमकदार लकीरें और आंखों के सामने काले धब्बे दिखाई देते हैं और यदि आपको फोटो फोबिया यानि रौशनी से परेशानी हो। या फिर फोनो फोबिया यानि थोड़े भी शोर से मुश्किल होता हो तो ये दर्शाता है कि आपको माइग्रेन की समस्या शुरू हो गई है। 



पेट खराब रहना


यदि आपका लगातार पेट खराब रहता हो और कब्ज की समस्या रहती हो तो यह भी माइग्रेन का लक्षण होता है। इसके अलावा जी घबराना उल्टी आना चक्कर आना पसीना आना ये भी माइग्रेन के लक्षण हैं। यदि आपके बहुत ज्यादा मूड स्विंग हो रहे हों तो आपको हर बात में चिड़चिड़ापन महसूस होता हो यानि छोटी सी बात में जल्दी करते हों तो ये भी माइग्रेन का लक्षण होता है। 



नींद की समस्या रहना


दोस्तों अगर आपको नींद की समस्या हो या ने आपको बहुत ज्यादा थकान महसूस होती हो पर फिर भी आपको नींद नहीं आती हो तो आप समझ जाएं कि आपको माइग्रेन की समस्या शुरू हो गई है। ये भी इसका मुख्य लक्षण हैं। 



ज़्यादा भूक लगना


इसके अलावा अगर आपको दिनभर में बेवजह बार-बार उबासी आती हो बहुत थकान महसूस होती हो तो ये भी इसका लक्षण है। जी हां फ्रेंड्स यदि आपको दिनभर में जल्दी जल्दी यानी थोड़ी थोड़ी देर में भूख लगती हो तो यह दर्शाता है कि आपको माइग्रेन की समस्या शुरू हो गई है।



माइग्रेन में क्या नही खाना चाहिए


यदि आपको माइग्रेन (migraine) की समस्या शुरू हो गई हो तो किन चीजों का सेवन न करें यानी आपको क्या नहीं खाना चाहिए। इसमें आप जंक फूड का सेवन न करें। 



तली हुई चीजें


तली हुई चीजें खाने से परहेज करें और चॉकलेट का सेवन भी नहीं करना चाहिए। बहुत समय का रखा हुआ चीज या पनीर न खाएं। 



स्पाइसी मसालेदार खाना न खाएं


ज्यादा स्पाइसी मसालेदार खाना न खाएं तो अच्छा है क्योंकि स्पाइसी खाना खाने से एसिडिटी की समस्या बढ़ सकती है जो कि माइग्रेन की प्रॉब्लम को और भी ज्यादा बढ़ा देता है।



बासी खाना नहीं खाना चाहिए


एक बात का ध्यान दें दोस्तों माइग्रेन की प्रॉब्लम में आपको बासी खाना नहीं खाना चाहिए क्योंकि इससे माइग्रेन की समस्या और भी बढ़ सकती है। 



कैफीन का सेवन न करें


इसके अलावा कैफीन का सेवन न करें जैसे चाय या कॉफी न पीएं तो अच्छा है। इसके साथ साथ अधिक आयोडीन युक्त आहार का सेवन नहीं करना चाहिए। 



माइग्रेन कैसे ठीक होता है (घरेलू उपचार)


अब मैं आपको बताउंगा माइग्रेन की बीमारी को दूर कैसे करेंगे ने मैं आपको कुछ ऐसे घरेलू उपचार बताएंगा जिससे कि आप आसानी से इस बीमारी से छुटकारा पा सकते हैं। 



रोजाना अदरक के पानी का सेवन करें


अदरक में एंटी इन्फ्लेमेटरी तत्व मौजूद होते हैं जोकि माइग्रेन के लक्षणों से लड़ने में मददगार होते हैं। इसके अलावा अदरक एक ऐसा पारंपरिक घरेलू उपचार है जो पाचन क्रिया को बेहतर बनाकर माइग्रेन के पेशेंट्स की उल्टी की समस्या को भी ठीक कर देता है।


जानते हैं इसे कैसे बनाना है: इसके लिए आप एक बर्तन में डेढ़ कप पानी लें उसमें आप एक इंच अदरक का टुकड़ा कद्दूकस करके डाल दें। अब आप पानी को अच्छी तरह से उबाल लें। जब पानी लगभग एक कप जितना हो जाए तो इसे छानकर चाय की तरह विकसित करके आराम से पीएं। 



साबूदाने के पानी का नियमित रूप से सेवन करें


पोटेशियम कैल्शियम और मैग्नीशियम से भरे धनिया के बीज का पानी माइग्रेन (migraine) पेशंट के लिए अमृत समान होता है। 



आपको कैसे बनाना है: इसके लिए आप दो चम्मच धनिया के बीज लें और इसे एक गिलास पानी में भर भिगो कर रख दें सुबह इसे पानी समेत पांच से 10 मिनट के लिए अच्छी तरह से उबालें। जब पानी लगभग आधा ग्लास हो जाए तब इसे छानकर चाय की तरह आराम से पीएं। ये आपके लिए बहुत ही फायदेमंद होगा। 



रोजाना भीगे बादाम और अखरोट का सेवन करें


आपको लेना है 5 गिरी बादाम की और आदि गिरी अखरोट की अब इसे रात को कांच के ग्लास में या फिर मिट्टी के बर्तन में भिगो दें फिर सुबह आप भीगे हुए बादाम और भीगी अखरोट का छिलका उतार दें। अब आप इसे अच्छी तरह से कूट लें या ने आपको इसका अच्छी तरह से पेस्ट बना लेना है और फिर आप इसमें ठंडा या फिर नॉर्मल दूध डाल दें। लगभग एक कप दूध आपको डालना है और फिर इस तैयार मिश्रण का सेवन करें। 



NOTE: दोस्तों यदि इस उपचार का आप 10 से 15 दिन भी लगातार सेवन करते हैं तो आपको इसका खूब बेनिफिट होगा। पर एक बात का ध्यान रखें दोस्तों यदि आप इस रेमेडी को सुबह खाली पेट लेते हैं तो ये आपके लिए और भी ज्यादा बेनिफिट होगा। 



दालचीनी अदरक काली मिर्च और तुलसी पाउडर का सेवन करें


इस रेमेडी के लिए आपको लेना है 25-25 ग्राम दालचीनी अदरक काली मिर्च और तुलसी और फिर इसका पाउडर बना लें यानि अच्छी तरह से इसे पीस लें और फिर इन सभी पाउडर को अच्छी तरह से मिक्स कर लें। अब आप इस मिश्रण को रोजाना एक चम्मच शहद के साथ मिलाकर खाएं। ये माइग्रेन की समस्या के लिए एक रामबाण इलाज है। 




माइग्रेन का इलाज कैसे करें? (Treatment of Migraine in Hindi Tips)



आपको कुछ एडिश्नल टिप्स भी देना चाहता हूं जिससे आप नियमित रूप से फॉलो करते हैं तो आप माइग्रेन से जल्द से जल्द छुटकारा पा सकते हैं। 



भरपूर पानी पीएं


आप दिन भर में भरपूर पानी पीएं। इसके अलावा सूर्य की तेज किरणों से अपने आप को बचाएं यानी तेज धूप में न जाएं तो अच्छा है।



पुदीना का इस्तेमाल


पुदीना सिर के तनाव को कम करने में सबसे अच्छी औषधि माना जाता है। इसके लिए पुदीने के तेल को सिर में मसाज करें। ध्यान रहे तेल सिर में ज्यादा मात्रा में न लगाएं नहीं तो इससे जलन भी महसूस हो सकता है।



सब्जियों और फलों को शामिल करें


अपनी डाइट में ज्यादा से ज्यादा हरी सब्जियों और फलों को शामिल करें। जितना हो सके पौष्टिक आहार खाएं। जी हां हरी पत्तेदार सब्जियों में पर्याप्त मात्रा में मैग्नेशियम पाया जाता है जो कि माइग्रेन के दर्द से छुटकारा पाने में मदद दिलाता है। 



गाय के घी को इस्तेमाल करें


गाय के शुद्ध घी को पिघलाकर इसकी एक एक बूंद ड्रॉप पर की मदद से नाक में डालें या फिर आप चाहें तो बादाम रोगन तेल की एक एक बूंद नाक में डाल सकते हैं। ध्यान रहे बादाम का तेल सिर में लगाने वाला नहीं होना चाहिए। 



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