arthritis in hindi गठिया किया है? क्यों होता है और इसका इलाज

 arthritis in hindi गठिया किया है? क्यों होता है और इसका इलाज

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आज के इस आर्टिकल में हम बात करेंगे आर्थराइटिस (arthritis) यानि गठिया के बारे में आर्थराइटिस क्यों होता है? अर्थराइटिस में क्या नहीं खाना चाहिए? गठिया (arthritis) होने के क्या-क्या कारण होते हैं। गठिया होने पर क्या क्या लक्षण यानि सिम्पटम्स हमें नजर आते हैं। आर्थराइटिस के प्रकार इसके साथ-साथ हम जानेंगे कि गठिया रोग को दूर करने के लिए क्या-क्या घरेलू उपाय किए जा सकते हैं किन चीजों का सेवन करने से हम गठिया से छुटकारा पा सकते हैं। इसके अलावा मैं आपको यह भी बताउंगा कि गठिया रोग में क्या नहीं खाना चाहिए तो दोस्तो आज मैं आपको गठिया रोग के बारे में डिटेल में जानकारी दूँगा। 



आर्थराइटिस किया है? (What is arthritis in hindi)


गठिया को आर्थराइटिस के नाम से भी जाना जाता है ये सौ से भी ज्यादा प्रकार का होता है। यदि व्यक्ति को गठिया रोग हो जाता है तो उसे चलने फिरने में उठने बैठने बहुत ज्यादा तकलीफ होती है तो सबसे पहले हम जानते हैं आखिर गठिया रोग होता क्या है।



आर्थराइटिस क्यों होता है? (Why does arthritis happen?)


 जब ब्लड में यूरिक एसिड की मात्रा बढ़ जाती है तो व्यक्ति कुछ देर के लिए बैठता या फिर सोता है तो यही यूरिक एसिड जोड़ों में जमा होने लगता है और यह धीरे-धीरे गठिया का रूप ले लेता है। यूरिक एसिड हमारे शरीर में कई तरह के खाद्य पदार्थों को खाने से बनता है। आर्थराइटिस (arthritis) यानी गठिया एक ऐसी बीमारी है जिसमें व्यक्ति के जोड़ों में दर्द के साथ साथ सूजन भी आ जाती है।


 इसके अलावा इस रोग में व्यक्ति के जोड़ों में गांठें भी बन जाती है जिस वजह से इसे गठिया कहा जाता है और गठिया शरीर के किसी भी एक जोड़ से शुरू होता है और धीरे धीरे शरीर के सभी जोड़ इस से प्रभावित होते हैं। इससे सभी जॉइंट्स में असहनीय दर्द होने लगता है जिसकी वजह से व्यक्ति का चलना फिरना उठना बैठना बहुत ही मुश्किल हो जाता है।



आर्थराइटिस के कारण (causes of arthritis in hindi)


आइए हम बात करेंगे गठिया होने के क्या क्या मुख्य कारण हैं। गठिया रोग की पहचान और आखिर क्यों होता है गठिया। गठिया होने की सबसे बड़ी वजह है शरीर में यूरिक एसिड बढ़ जाना। 



शरीर में यूरिक एसिड बढ़ जाना


जब शरीर में यूरिक एसिड की मात्रा अधिक हो जाती है तो जोड़ों में छोटे छोटे क्रिस्टल्स के रूप में जमा होने लगता है और इसकी वजह से जोड़ों में दर्द और सूजन हो जाता है। हमारे शरीर को सभी प्रकार के पौष्टिक पदार्थों की आवश्यकता होती है। 



कैल्शियम की कमी


इसमें कैल्शियम भी शामिल है। कैल्शियम का मुख्य काम हड्डियों को मजबूत रखना होता है और अगर हम कैल्शियम युक्त आहार का सेवन नहीं करते तो इस कारण से भी गठिया रोग हो सकता है।



पीढ़ी दर पीढ़ी वाली बीमारी


दोस्तों कुछ बीमारी वंशानुगत भी होती है जोकि पीढ़ी दर पीढ़ी चलती है। इनमें आथ्र्राइटिस (arthritis) यानी गठिया भी शामिल है। जी हां यदि आपके परिवार में किसी सदस्य को गठिया हो तो इस कारण से भी आपको यह रोग हो सकता है। 



खराब लाइफस्टाइल


इसके अलावा यदि आपकी लाइफस्टाइल डेली रुटीन बहुत ही आरामदायक हो यानि आप कोई फिजिकल एक्टिविटीज न करते हों तो इस वजह से भी आपको गठिया हो सकता है।



इम्यून सिस्टम की वजह से


दोस्तो अगर हमारा इम्यून सिस्टम यानी रोग प्रतिरोधक क्षमता स्ट्रॉन्ग न हो तो इस कारण से भी गठिया हो सकता है क्योंकि स्ट्रॉन्ग इम्यून सिस्टम होने से हमारा शरीर बाहरी वायरस या बैक्टीरिया से आसानी से लड़ सकता है।



वजन ज्यादा होना एक कारण


 एक रिसर्च में यह बात सामने आई है कि वजन ज्यादा होना भी गठिया का मुख्य कारण होता है क्योंकि जब हमारे पैर शरीर का सारा भार उठाने में असमर्थ हो जाते हैं तो इससे घुटनों के जोड़ में बहुत अधिक जोर पड़ता है और दर्द होने लगता है। इसलिए मोटापा भी गठिया होने का मुख्य कारण है।



उम्र बढ़ना और आर्थराइटिस


 जैसे जैसे उम्र बढ़ती है हमारे शरीर के हर जॉइंट्स वीक होने लगते हैं। इसके साथ साथ मसल्स भी वीक होते हैं जिसकी वजह से हमारे शरीर में जॉन सयाने जोड़ों का फंक्शन नॉर्मल नहीं होता है तो दोस्तों बढ़ती उम्र भी गठिया होने का कारण है।



स्मोकिंग एक कारण है

 

स्मोकिंग न सिर्फ फेफड़ों को नुकसान पहुंचाता है। इसके अलावा यह हड्डियों के लिए भी बहुत ही नुकसानदायक होता है। इसलिए जो लोग स्मोक या ड्रिंक ज्यादा करते हैं उन्हें भी गठिया रोग हो सकता है। 



आर्थराइटिस के लक्षण (Symptoms of Arthritis in Hindi)


आइए अब हम जानेंगे कि गठिया होने के क्या-क्या लक्षण होते हैं। यदि हमारे शरीर में गठिया रोग हो जाए तो हमें क्या सिम्पटम्स नजर आते हैं। 



जोड़ों में दर्द होना


गठिया का सबसे पहला लक्षण होता है जोड़ों में दर्द होना। जी हां अगर यह दर्द व्यक्ति को लंबे समय तक हो और इसका इलाज न करवाया जाए तो यह व्यक्ति के लिए बहुत ज्यादा नुकसानदायक भी हो सकता है। फ्रेंड्स अक्सर ऐसा भी देखा गया है कि ऑर्थराइटिस होने पर रोगी के घुटनों के जोड़ों में अकड़न सी हो जाती है। यह भी इसका मुख्य लक्षण है।



पैरों में गठिया


 पैरों में गठिया का असर सबसे जल्दी दिखता है। इसमें पैरों के अंगूठों में बुरी तरह से सूजन आ जाती है और यह तब तक प्रॉब्लम ठीक नहीं होती जब तक इसका इलाज न करवाया जाए। जब उंगलियों के जोड़ों में यूरिक एसिड के क्रिस्टल जमा हो जाते हैं तो इससे उंगलियों के जॉइंट्स में बहुत अधिक सूजन हो जाती है और इसमें भयंकर दर्द भी होने लगता है जिसकी वजह से उंगलियां मोड़ नहीं पाती हैं। 



एल्बो में सूजन आ जाना


इसका एक। मुख्य लक्षण हैं एल्बो में सूजन आ जाना। जी हां कई बार एल्बो में सूजन आ जाती है और बोन पेन भी होता है। यदि किसी व्यक्ति को घुटनों में अचानक से सूजन आ जाती है तो इसे बिल्कुल भी नजरअंदाज न करें।



कम भूख लगना


इसके अलावा अगर आपको खाने में बिल्कुल भी रुचि नहीं लगती हो या फिर बहुत कम भूख लगती हो तो भी इसे नजरअंदाज न करें क्योंकि यह भी गठिया का लक्षण है। 



गठिया का घरेलू उपचार क्या है? (arthritis home remedies in hindi)


गठिया का घरेलू उपचार क्या है? मैं आपको कुछ ऐसे घरेलू उपचार बताउंगा जिससे कि आप आसानी से गठिया यानि आथ्र्राइटिस (arthritis) की बीमारी से छुटकारा पा सकते हैं। 



मेथी दाना का सेवन


रोजाना मेथी दाना का सेवन करें। जी हां इसके लिए आप मेथी के दानों को रात भर गरम पानी में भिगोकर रख दें और फिर सुबह उठते ही इसके पानी को पी लें और मेथी दाना को चबा चबाकर आराम से खा लें। इसका रोजाना सेवन करने से ये गठिया रोग दूर करने में बहुत ही सहायक होगा।



दालचीनी का नियमित सेवन


इसके साथ साथ दालचीनी का नियमित रूप से सेवन करें। दालचीनी में एंटी एंटीऑक्सिडेंट और दर्द निवारक गुण होते हैं जो आथ्र्राइटिस (arthritis) के दर्द से राहत दिलाता है। जी हां दोस्तों इसके लिए आप दालचीनी को पहले अच्छी तरह से पीस लें और फिर आपको लेना है एक चम्मच दालचीनी पाउडर और एक चम्मच शहद। अब इसे एक कप गरम पानी मिलाकर पीएं। यदि आप इसका रोजाना सुबह खाली पेट सेवन करते हैं तो यह आपके लिए बहुत ही ज्यादा फायदेमंद होगा।



लहसुन का सेवन


लहसुन का सेवन करना गठिया की समस्या के लिए रामबाण इलाज है। जी हां यदि आप डेली सुबह को खाली पेट 2 से 3 लहसुन की कच्‍ची कलियां चबा चबाकर खाएं और उसके बाद गुनगुना पानी पी लें तो इससे आपको काफी फायदा होगा। पर अगर आपको लहसुन खाना पसंद न हो तो आप लहसुन को तेल में डालकर भी यूज कर सकते हैं। 


इसके लिए आपको लेना है सेंधा नमक, जीरा, हींग, पीपल, काली मिर्च और सौंठ इन सभी को दो दो ग्राम की मात्रा में लेकर अच्छी तरह से पीस लें और फिर इस पेस्ट को कैस्टर ऑयल यानि अरंडी के तेल में भून लें और उसके बाद इसे बॉटल में भरकर रख दें। जब भी आपको दर्द हो तो आप इसे दर्द वाली जगह पर लगा दें। इससे आपको बहुत आराम मिलेगा।



अदरक का इस्तेमाल


अदरक का इस्तेमाल अदरक में एंटी इंफ्लेमेटरी गुण होते हैं जो गठिया रोग दूर करने में बहुत ही फायदेमंद होता है। तो चलिए बताते हैं इस रेमेडी को कैसे बनाना है। इसके लिए आप 6 चम्मच सौंठ पाउडर यानि सूखी अदरक का पाउडर लें और 6 चम्मच आपको लेना है। काले जीरे का पाउडर और फिर इसमें तीन चम्मच काली मिर्च पाउडर मिला लें। अब आपको रोजाना इस मिश्रण को आधा चम्मच दिन में तीन बार लेना है ये आपके लिए बहुत ही लाभदायक होगा। 



आर्थराइटिस का इलाज (arthritis Treatment In Hindi)


आपको कुछ टिप्स भी देना चाहता हूं जिसे आप नियमित रूप से फॉलो करते हैं तो आप जल्द ही गठिया रोग को आसानी से दूर कर सकते हैं।


  • आप अपना वजन कंट्रोल में रखें यानि अपना वेट ज्यादा बढने ना दें। 


  • विटामिन डी जोड़ों के दर्द को दूर करने के लिए भी बहुत ही अच्छा होता है। इसके लिए पर्याप्त मात्रा में अर्ली मॉर्निंग सूर्य की रोशनी लें और साथ ही साथ विटामिन डी युक्त आहार का सेवन करें। 


  • यूरिक एसिड की मात्रा शरीर में बैलेंस यानि संतुलित करने के लिए पर्याप्त मात्रा में पानी पीएं। यदि आप सही मात्रा में पानी पीते हैं तो इससे भी गठिया रोग दूर करने में मदद मिलती है।


  •  यदि आप रोजाना योग करते हैं तो आपको गठिया अगर स्टार्टिंग स्टेज है तो जल्दी छुटकारा मिल सकता है। इसलिए योग जरूर करें। 



अर्थराइटिस में आहार (गठिया रोग में क्या नहीं खाना चाहिए)


गठिया रोग में क्या नहीं खाना चाहिए या ने किन चीजों का सेवन नहीं करना चाहिए आइये जानते हैं इसमें आलू चावल तली हुई चीजें खाने से परहेज करें। इसके साथ साथ ज्यादा चीनी नहीं खाना चाहिए। कैफीन (Caffein) का सेवन न करें तो अच्छा है। इसके अलावा सर्दी और बारिश के मौसम में गठिया के रोगी को ठंडे पानी से नहीं नहाना चाहिए।


 

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